उमाशंकर तिवारी ने कला के क्षेत्रों में बनाई पहचान
फाग गीत में मिला प्रथम पुरस्कार
कोरबा.. मन की शक्ति, आत्मविश्वास के साथ अपनी दिल के गहराई से एक एक लब्ज़ को शब्दों में पिरोकर संगीत के साथ एक गीत के रूप में लोगो मध्य प्रस्तुत कर गायन के माध्यम से जीवंत रूप देकर अपनी कला के दम पर बुलंदी तक पहुंचना एक सफल कलाकार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इन्हीं सपना को संजोए उमाशंकर तिवारी धार्मिक गीतों के साथ अनेक गीतों की प्रस्तुति अपने जीवन काल में अनेक कार्यक्रम में दे चुके है। मिली जानकारी के अनुसार उनके जीवन काल में गायन के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार,शील्ड गिफ्ट हैम्पर से नवाजा जा चुका है । उनके घर के अलमारी में जीवन भर की पूंजी रुपी गिफ्ट हैम्पर,शील्ड आदि सजे हुए मिलेंगे
फाग गीत में मिला प्रथम पुरस्कार
कोरबा निवासी संगीत आचार्य उमाशंकर तिवारी ने केवल धार्मिक ही नहीं अपितु सामाजिक सरोकारों से जुड़े पारंपरिक त्यौहारों में अपनी प्रस्तुति का लोहा मनवाया है इसका जीता जागता उदाहरण जिला सत्रीय फाग झमाझम , होली मिलन समारोह श्रीवास कल्याण समिति द्वारा प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। इतना ही नहीं रामायण कथा के टीकाकार एवं गायक अपनी कला के माध्यम से भक्ति के मार्ग में समाज में अपनी पहचान बनाने वाले उमाशंकर तिवारी की जीवन केवल भक्ति में समर्पित है।