डीवीआई स्मार्ट स्कूल के बच्चों ने पेड़ को राखी बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
मुंगेली। रक्षा बंधन के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर डीवीआई स्मार्ट स्कूल, जरहागांव में एक अनूठी, भावपूर्ण और प्रेरणादायी गतिविधि का आयोजन किया गया। विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों ने पेड़ को राखी बांधकर प्रकृति के प्रति प्रेम, संरक्षण और जिम्मेदारी का संदेश दिया। इस पहल ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को प्रकृति के साथ जोड़ते हुए बच्चों के बीच पर्यावरण संरक्षण की भावना को और मजबूत किया।विद्यालय परिसर के आसपास प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। बच्चों ने वृक्ष को राखी बांधी और यह संकल्प लिया कि वे पेड़-पौधों की रक्षा करेंगे तथा दूसरों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे। शिक्षकों ने बच्चों को वृक्षों के महत्व और मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
बच्चों के मन में जिज्ञासा जगाना था गतिविधि का उद्देश्य
इवेंट कोऑर्डिनेटर रश्मि पांडेय ने बताया कि इस गतिविधि के पीछे केवल पेड़ को राखी बांधना ही उद्देश्य नहीं था, बल्कि बच्चों के मन में जिज्ञासा और सोचने की प्रवृत्ति विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि जब बच्चे पेड़ को राखी बांधेंगे तो उनके मन में स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठेगा कि आखिर पेड़ को राखी क्यों बांधी गई। यही जिज्ञासा उन्हें घर जाकर अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों से इस विषय पर बातचीत करने के लिए प्रेरित करेगी। इस तरह विद्यालय की एक छोटी-सी गतिविधि घर तक पहुंचेगी और परिवार में भी पर्यावरण संरक्षण पर संवाद शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल यह बताना कि पेड़ हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, पर्याप्त नहीं है। जब बच्चे किसी गतिविधि के माध्यम से स्वयं अनुभव करते हैं, तो वह सीख उनके मन में अधिक गहराई से बैठती है। पेड़ को राखी बांधने की यह पहल बच्चों में प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने का एक प्रयास है।
एडमिनिस्ट्रेटर एस. रानी के विशेष निर्देशन में गतिविधि का सफल क्रियान्वयन
समस्त गतिविधि का क्रियान्वयन विद्यालय की एडमिनिस्ट्रेटर एस. रानी के विशेष निर्देशन में किया गया। उनके मार्गदर्शन में बच्चों को रक्षा बंधन के पर्व की भावना के साथ पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया।
एस. रानी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे संस्कार और जीवन-मूल्य देना भी है, जिन्हें वे अपने व्यवहार में उतार सकें। रक्षा बंधन सुरक्षा और संरक्षण का पर्व है। इसी भावना को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ को राखी बांधने की पहल की गई।उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। यदि बच्चों के मन में बचपन से ही पेड़-पौधों के प्रति प्रेम और उनकी रक्षा की भावना विकसित होगी, तो यही बच्चे आगे चलकर पर्यावरण के सजग प्रहरी बनेंगे। उन्होंने इस गतिविधि को बच्चों की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने वाली पहल बताया।
पीआरओ मनीषा त्रिपाठी बच्चों में राखी बनाने किया प्रेरित
बच्चों के लिए राखी तैयार करने की इस पूरी प्रक्रिया ने बच्चों के मन में विशेष उत्साह और जिज्ञासा पैदा की।
बच्चों ने राखी बनाने की प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक देखा और उसमें रुचि दिखाई। स्वयं हाथों से राखी तैयार करने की पहल ने विद्यार्थियों को यह सीख भी दी कि किसी त्योहार की खुशी केवल बाजार से वस्तुएं खरीदने में नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और रचनात्मकता से कुछ तैयार करने में भी है।मनीषा त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों को जब किसी गतिविधि में प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया जाता है, तो उनमें लगन, उत्साह और सीखने की इच्छा बढ़ती है। पेड़ के लिए राखी तैयार करना भी इसी उद्देश्य से जोड़ा गया, ताकि बच्चे त्योहार की खुशी के साथ प्रकृति के प्रति अपने दायित्व को समझ सकें।

राखी बनी प्रकृति की रक्षा का प्रतीक
रक्षा बंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। विद्यालय की इस पहल ने इसी भावना को प्रकृति तक पहुंचाने का प्रयास किया। बच्चों ने प्रतीकात्मक रूप से वृक्ष को राखी बांधकर यह संदेश दिया कि जिस प्रकार हम अपने प्रियजनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी प्रकार पेड़-पौधों और पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारा दायित्व है।वृक्ष हमें प्राणवायु प्रदान करने के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके संरक्षण से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
शिक्षा के साथ संस्कार का अनूठा प्रयास
डीवीआई स्मार्ट स्कूल जरहागांव की यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा केवल कक्षा, किताब और परीक्षा तक सीमित नहीं है। वास्तविक शिक्षा वह है, जो बच्चों में संवेदनशीलता, जिज्ञासा, रचनात्मकता, जिम्मेदारी और अच्छे संस्कार विकसित करे।
नन्हे हाथों से पेड़ को बांधी गई राखी ने एक बड़ा संदेश दिया—प्रकृति भी हमारे परिवार का हिस्सा है और उसकी रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।इस अवसर पर अनसुइया भोई, अविनाश कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा। सभी के सामूहिक प्रयास से आयोजित यह गतिविधि बच्चों के लिए न केवल आनंद और उत्साह का अवसर बनी, बल्कि उनके मन में पर्यावरण के प्रति एक स्थायी और सकारात्मक विचार भी छोड़ गई।
डीवीआई स्मार्ट स्कूल जरहागांव की यह पहल रक्षा बंधन के पर्व को एक सार्थक सामाजिक संदेश से जोड़ते हुए यह प्रेरणा देती है कि रिश्तों की रक्षा के साथ प्रकृति की रक्षा भी हमारा धर्म और जिम्मेदारी है।
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