बरेला सड़क हादसे में बड़ा एक्शन: तखतपुर CMO अमरेश सिंह गिरफ्तार, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
मुंगेली। बरेला के बहुचर्चित सड़क हादसे में आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया। एक महिला की दर्दनाक मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में मुंगेली पुलिस ने त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करते हुए तखतपुर CMO अमरेश सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पुलिस के अनुसार, यह हादसा 1 अगस्त 2026 को थाना जरहागांव क्षेत्र के ग्राम बरेला के मुख्य मार्ग पर हुआ। पंडरिया निवासी विश्वनाथ बसोर की रिपोर्ट पर दर्ज मामले में बताया गया कि उनकी भाभी किरण बसोर अपने साथी के साथ शादी समारोह का कार्य पूरा कर लौट रही थीं। सड़क पर गाय होने के कारण उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल किनारे रोक दी थी। तभी मुंगेली से बिलासपुर की ओर जा रही स्कोडा कार क्रमांक CG 15 DN 3866, जिस पर “CMO (UAD) CG Government” लिखा था, मोटरसाइकिल से जा टकराई।हादसा इतना भयावह था कि एक महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि किरण बसोर और मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (IPS) ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में जरहागांव पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए, तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए तथा पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की।पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि आरोपी चालक ने गलत दिशा से तेज रफ्तार एवं अत्यंत लापरवाही से वाहन चलाते हुए जानबूझकर दुर्घटना कारित की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी अमरेश सिंह (58 वर्ष), निवासी महेश्वर कॉलोनी, अंबिकापुर को गिरफ्तार कर लिया तथा हादसे में प्रयुक्त स्कोडा कार को भी जब्त कर लिया।आरोपी के विरुद्ध थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 110/26 के तहत धारा 281, 125(ए) एवं 105 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। 3 अगस्त 2026 को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के सामने पद और प्रभाव से ऊपर जवाबदेही है। सड़क पर लापरवाही से किसी की जान जोखिम में डालने वाले मामलों में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई करेगी। हालांकि, आरोपी के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
इस पूरे मामले में उपनिरीक्षक शोभा यादव, प्रधान आरक्षक नवीन कुमार जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक लखीराम नेताम, आरक्षक उमेश सोनवानी एवं रामचंद्र जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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