जमीन के विवाद में भाई ने ही कर दी दंपति की हत्या
नवलपुर दोहरे हत्याकांड का खुलासा, लोरमी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मुंगेली। लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में हुए दंपति के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और रंजिश के चलते सगे भाई ने ही अपने भाई और भाभी की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी नंदु कश्यप (46), निवासी नवलपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे की कुदरी भी बरामद की गई है।

घर में अलग-अलग बिस्तरों पर मिले थे शव
पुलिस के अनुसार नवलपुर निवासी नंदकुमार कश्यप और उनकी पत्नी गौरीबाई कश्यप अपने गांव स्थित मकान में रहते थे। उनके पुत्र मोहन कश्यप ने 25 अगस्त को थाना लोरमी में सूचना दी कि 18 अगस्त की रात उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज खत्म होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया। 23 अगस्त को रिचार्ज कराने के बाद भी माता-पिता से संपर्क नहीं हुआ।
संदेह होने पर मोहन ने अपने चाचा नंदु कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा। नंदु ने घर में ताला लगे होने की जानकारी दी। इसके बाद मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। मकान के बाहर ताला लगा था और अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर जाने पर नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग बिस्तरों पर मृत मिले। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक लोरमी माधुरी धिरही और उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के नेतृत्व में थाना लोरमी पुलिस एवं साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई।पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मृत्यु हत्या से होना सामने आने के बाद थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 365/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पैतृक जमीन बनी हत्या की वजह
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नंदकुमार और उसके भाई नंदु कश्यप के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पूछताछ में सामने आया कि पिता की करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन में से दोनों भाइयों को 3-3 एकड़ जमीन मिली थी, जबकि एक एकड़ जमीन बहन के नाम की गई थी। करीब 50 डिसमिल जमीन माता-पिता के पास थी।
माता-पिता की देखरेख करने के कारण यह जमीन नंदु को मिलने की बात थी। लेकिन माता-पिता की मृत्यु के बाद नंदकुमार द्वारा उसमें आधा हिस्सा मांगने से दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी बात को लेकर नंदु अपने भाई से रंजिश रखने लगा था।
हत्या से दो दिन पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 16 अगस्त को नंदु अपने खेत में खाद डालकर मेड़ बांधकर आया था। नंदकुमार द्वारा मेड़ तोड़ दिए जाने से खाद पानी के साथ बह गया। इसके बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद और बढ़ गया।17 अगस्त की रात करीब 8.15 बजे नंदु अपने भाई नंदकुमार को जान से मारने के इरादे से उसके घर पहुंचा था। दोनों के बीच विवाद हुआ, लेकिन इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप वहां पहुंच गया। इसके बाद नंदु वापस अपने घर चला गया।
छत के रास्ते घर में घुसा और दोनों को मार डाला
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त की दरम्यानी रात नंदु लोहे की कुदरी लेकर अपने भाई की हत्या करने के इरादे से उसके घर पहुंचा। वह पड़ोसी की बाड़ी की ओर से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ।
सीढ़ियों से नीचे उतरने पर उसने देखा कि नंदकुमार और उसकी पत्नी गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग स्थान पर सो रहे थे। आरोपी ने पहले नंदकुमार के सिर पर लोहे की कुदरी से हमला किया। आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने गौरीबाई पर भी कुदरी से हमला कर उनकी हत्या कर दी।वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए घर के कमरे और अलमारी खोल दिए। उसने आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और वारदात में प्रयुक्त कुदरी को धोया तथा मकान में बाहर से ताला लगाकर वहां से चला गया। बाद में उसने कुदरी को ट्यूबवेल में छिपा दिया।
निशानदेही पर कुदरी बरामद, आरोपी जेल भेजा गया
पुलिस की पूछताछ में आरोपी नंदु कश्यप ने जमीन विवाद के चलते दोनों की हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर ट्यूबवेल में छिपाई गई वारदात में प्रयुक्त लोहे की कुदरी बरामद कर जब्त की गई। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को 1 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी लोरमी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी, प्रधान आरक्षक नरेश यादव, दयाल गवास्कर, यशवंत डाहिरे, नोखे लाल कुर्रे, रवि जांगड़े, आरक्षक भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह ठाकुर, अतुल ठाकुर, राहुल कांत कश्यप, गिरीराज सिंह, राम कश्यप, राजू साहू, दिलेश्वर साहू तथा सै. कुलदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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