सरपंच चुनाव और मर्डर केश का खुलासा ,मुंगेली पुलिस ने किया पर्दाफाश

सरपंच चुनाव की रंजिश में रची गई हत्या की साजिश का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार

मुंगेली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन विवेचना के आधार पर सुलझाया पेण्ड्री ‘स’ का अंधेकत्ल, अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में कार्रवाई

 2025 के सरपंच चुनाव में हार के बाद मतगणना में गड़बड़ी का संदेह बना हत्या की वजह, मुख्य आरोपी ने एक लाख 20 हजार रुपये में दी थी हत्या की सुपारी**

आईजी रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की

मुंगेली। जिले के सरगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में तुलसी साहू की हत्या के सनसनीखेज मामले का मुंगेली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में हार की रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने अपहरण, हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण तथा उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में थाना सरगांव और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं विस्तृत विवेचना के आधार पर इस अंधेकत्ल का पर्दाफाश किया।

 संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था शव

पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को नगर पंचायत मारो निवासी चंदन साहू ने थाना सरगांव में सूचना दी कि उनकी साली नीतू साहू के पति तुलसी साहू (32) 25 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे घर से अपनी बहन के घर सरगांव जाने के लिए निकले थे। वहां से उन्हें अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन वे न तो घर लौटे और न ही बहन के घर पहुंचे। उनका मोबाइल फोन भी बंद था।परिजनों और परिचितों ने तलाश शुरू की तो तुलसी साहू की मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 28 पी 5824 ग्राम पेण्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। आगे खोजबीन करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में कांटेदार झाड़ियों के बीच उनका शव संदिग्ध अवस्था में मिला।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मर्ग जांच, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गला घोंटकर हत्या किए जाने, मृतक के दोनों पैरों को पीले बिजली के तार से बांधने तथा शव को छिपाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 एवं 238 में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

 चुनावी हार की रंजिश बनी हत्या की वजह

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में करीब आठ से नौ वोटों से हार गया था। चुनाव में झुलुराम वर्मा सरपंच निर्वाचित हुए थे और तुलसी साहू उनके मतगणना अभिकर्ता थे।

धनीराम साहू को संदेह था कि मतगणना के दौरान तुलसी साहू ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए, जिससे उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसी रंजिश के चलते उसने तुलसी साहू की हत्या की योजना बनाई।

पुलिस के मुताबिक, धनीराम ने अपने साले भुवन साहू को साथ लिया और ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया। तुलसी साहू के अपहरण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। धनीराम ने सुरेंद्र को 70 हजार रुपये अग्रिम दिए। योजना के तहत तुलसी साहू को अगवा कर धनीराम और उसके सहयोगियों तक पहुंचाना था। इसके बाद कथित चुनावी धांधली स्वीकार करने संबंधी बयान स्टाम्प पेपर पर लिखवाकर उसका वीडियो बनाने और हत्या करने की साजिश रची गई।

 अपहरण के बाद पंप हाउस में की हत्या

पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी, बिलासपुर तथा तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार क्रमांक सीजी 10 सीई 2075 से ग्राम पेण्ड्री ‘स’ पहुंचा। रात करीब सात बजे तुलसी साहू मोटरसाइकिल से घर से निकले, तभी आरोपियों ने उनका पीछा किया और जय भोलेनाथ राइस मिल से करीब 100 मीटर पहले सुनसान सड़क पर उन्हें जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया।

इसके बाद धनीराम साहू और उसका साला भुवन साहू भी आरोपियों के संपर्क में आए। सभी मनियारी नदी के पास सरगांव क्षेत्र में मिले। धनीराम और भुवन मोटरसाइकिल से आगे चले, जबकि सुरेंद्र और उसके साथी तुलसी साहू को कार में लेकर पीछे आए।

गणेश मिनरल्स के पहले पेण्ड्री ‘स’ में टीकाराम साहू निवासी मोहभट्ठा के ट्यूबवेल के पास तुलसी साहू और उनका मोबाइल धनीराम को सौंप दिया गया। इसके बाद सुरेंद्र और उसके साथी वहां से चले गए।

पुलिस के मुताबिक, धनीराम और भुवन तुलसी साहू को ट्यूबवेल के पंप हाउस में ले गए। वहां उन्हें डराकर 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर कथित चुनावी धांधली स्वीकार करने संबंधी बयान लिखवाया गया और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। इसके बाद दोनों ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से तुलसी साहू के पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।

शव छिपाने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास

हत्या के बाद धनीराम ने ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को घसीटकर मोटरसाइकिल तक पहुंचाया और उस पर रखकर गणेश मिनरल्स से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कीचड़ में सड़क किनारे फेंक दिया। शव को झाड़ियों से ढककर छिपाने का प्रयास किया गया।

पुलिस के अनुसार, धनीराम ने मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपाया तथा मोबाइल फोन को राकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया। उसने अपना गमछा भी जला दिया। अगले दिन ट्यूबवेल की चाबी लौटाते समय उसने टीकाराम साहू को घटना की जानकारी दी। बाद में मृतक का गमछा भी जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

 पांच आरोपी गिरफ्तार, महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनीराम साहू, भुवन साहू, ओमनारायण राजपूत, सुरेंद्र जोशी और टीकाराम साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने के साथ अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी गईं।

गिरफ्तार आरोपियों में धनीराम साहू (40), निवासी पेण्ड्री ‘स’; भुवन साहू (28), निवासी किरना; ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25), निवासी पेण्ड्री ‘स’; सुरेंद्र जोशी (25), निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर; तथा टीकाराम साहू (53), निवासी मोहभट्ठा, थाना सरगांव शामिल हैं।सभी पांच आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, स्टाम्प पर बयान लिखते हुए बनाया गया वीडियो, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, निशान कार तथा सुपारी की रकम में से शेष 10 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।

 उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

अंधेकत्ल के इस गंभीर मामले का खुलासा करने पर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने विवेचना एवं कार्रवाई में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक यादव, प्रधान उपनिरीक्षक नवनीत नावेलकर, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक निर्मल घोष, धर्मेंद्र शर्मा, प्रधान आरक्षक नोखेलाल कुर्रे, यशवंत डाहिरे, नरेश यादव, अशोक कौशिक, रवि जांगड़े, आरक्षक राहुल यादव, भेषज पाण्डेकर, परमेश्वर जांगड़े, राहुलकांत कश्यप, राकेश बंजारे, अतुल ठाकुर, हेमसिंह ठाकुर, रामकिशोर कश्यप, बसंत डाहिरे, रिपीन बनर्जी, अजय रावत, विश्वनाथ सिंह, पंकज निर्णेजक एवं अनिल मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की अपील: मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।

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