सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गर्भवती महिलाओं को कंबल बांटा गया,,पुलिस विभाग कोटा द्वारा।

करगी रोड कोटा (विकास तिवरी)

करगी रोड कोटा:-बिलासपुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने  बिलासपुर का प्रभार लेते ही “विश्वसनीय पुलिस-मजबूत पुलिस” की दिशा में कार्य करना शुरू कर दिया, जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आम जनों के साथ नरम-व्यवहार सुधारने की बात कही, भू- माफियाओं और कोल माफिया पर करवाई को लेकर अपने कड़े तेवर भी दिखाएं, उसी कड़ी में आज कोटा एसडीओपी अभिषेक सिंह और थाना प्रभारी कृष्णा-पाटले के नेतृत्व में आज पुलिस के जवानों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा पहुंचकर ग्रामीण अंचल के गरीब तबके के मरीज और गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कंबल बांटने का कार्य किया, जिसमे की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. कतलम और बीपीएम श्वेता सिंह के साथ स्टाफ नर्स ने भी सहयोग किया, इस बारे में एसडीओपी कोटा अभिषेक सिंह ने बताया कि इन दिनों पूरे जिलों में काफी ठंड पड़ रही है, साथ ही कोटा के ग्रामीण अंचलों में जो की जंगल तरफ रहते हैं, वहां पर काफी ठंड पड़ रही है ,बस उसी दिशा में एक सोच के साथ आज यह कार्य किया जा रहा है ,जिसमे की हॉस्पिटल में गरीब तबके और गर्भवती महिलाओं को कंबल पुलिस विभाग कोटा द्वारा दिया जा रहा है, साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा के बीएमओ और डॉक्टरों से इस बारे में पहले बात भी की गई थी,और बोला भी गया है , कि गर्भवती महिलाओं की हॉस्पिटल से छुट्टी होने के बाद एक पर्ची देकर एसडीओपी कार्यालय भेज दिया करे, जहा से उन्हें कंबल वितरण किया जाएगा साथ ही एसडीओपी अभिषेक सिंह ने मरीजो से हाल-चाल भी जाना कंबल लेते हुए गर्भवती महिला मरीजो ने आभार जताया, साथ ही हॉस्पिटल के डॉक्टरो और अन्य स्टाफों ने पुलिस विभाग और उनके अधिकारियों के इस नए रूप का स्वागत और आभार जताया।*

*इससे पूर्व भी बिलासपुर जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख द्वारा महिला संवेदना केंद्र ,राखी विद खाकी, अभियान चलाया था, जिससे कि बिलासपुर जिले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था, भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में हुए कांग्रेस-जनों पर लाठीचार्ज के बाद जिले में पुलिस की छवि काफी धूमिल हुई थी ,पर कोटा पुलिस के एसडीओपी और थाना प्रभारी द्वारा शिवतराई में आदिवासी परिवार जिसे समाज से बहिष्कृत किया गया था ,शव को कंधा देने वाला कोई नहीं था ,उस समय मानवता का परिचय देते हुए कोटा पुलिस के एसडीओपी और थाना प्रभारी सहित पुलिस के जवानों ने कंधा देकर मानवता को शर्मशार होने से बचाया था,और पूरे रीति-रिवाज के साथ शव का अंतिम संस्कार भी करवाया उसके बाद बहिष्कृत परिवार को समाज के मुख्यधारा मे वापसी भी करवाई ,इससे कहीं ना कहीं पुलिस की छवि में सुधार आया ,एक नए तरह का पुलिसिंग कार्य देखने को मिला जहां पुलिस अपने फर्ज के साथ सामाजिक दायित्व भी निभा रहा है ,इस बारे में आगे एसडीओपी कोटा अभिषेक सिंह द्वारा बताया गया कि पूर्व में गौरेला-पेंड्रा में पदस्थ रहने के दौरान भी ठंड के दिनों में कंबल बांटने का कार्य किया गया था ,जिसमें कुछ नगर के बुद्धिजीवी और गणमान्य लोगों ने भी सहयोग प्रदान किया था ,आज कोटा में भी कंबल बांटने के कार्य में कोटा नगर के बुद्धिजीवी और गणमान्य लोगों ने भी सहयोग प्रदान किया है, आगे और भी पुलिस विभाग द्वारा सामाजिक दायित्वों का भी इसी तरह से निर्वहन करने का प्रयास किया जाएगा, आगे उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के उच्च और आला अधिकारी के मार्गदर्शन में आम जनों और सामाजिक कार्यों में भी कार्य करने का प्रयास किया जाएगा,जिससे की आमजनों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा, पुलिस का भय अपराधियों में बना रहे आमजनों में नही नव-वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए एसडीओपी कोटा और थाना प्रभारी कोटा द्वारा मीडिया का भी आभार जताया।

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