वर्ष 03 माह 21 दिन की गौरवगाथा का अवसान नहीं, नव अध्याय का शुभारंभ — श्री अशोक कुमार कश्यप को भावभीनी विदाई
मुंगेली। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पदमपुर में उस समय भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला, जब शिक्षा जगत के समर्पित, अनुशासनप्रिय एवं कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व श्री अशोक कुमार कश्यप को उनकी 42 वर्ष 03 माह 21 दिन की गौरवपूर्ण शासकीय सेवा पूर्ण होने पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। यह केवल एक सेवानिवृत्ति समारोह नहीं था, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान, संघर्ष, समर्पण और प्रेरणादायी जीवन-यात्रा का सामूहिक अभिनंदन था।गरिमामय समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. डाहिरे एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री रमेश सिंह ठाकुर ने श्री कश्यप को सेवानिवृत्ति उपरांत देय समस्त भुगतान संबंधी दस्तावेज — जीआईएस (GIS), अर्जित अवकाश नगदीकरण एवं ग्रेच्युटी की पीपीए (PPA) — सौंपते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री डाहिरे ने कहा कि श्री अशोक कुमार कश्यप का सम्पूर्ण सेवाकाल निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का जीवंत उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया कि सच्ची सफलता पद से नहीं, बल्कि कर्म और चरित्र से प्राप्त होती है। शासन एवं प्रशासन द्वारा सौंपे गए प्रत्येक दायित्व का उन्होंने समयबद्ध एवं उत्कृष्ट निर्वहन कर अपने व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान बनाई।
प्राचार्य श्री रमेश सिंह ठाकुर ने अभिनंदन पत्र का वाचन करते हुए बताया कि राज्य परियोजना कार्यालय रायपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2017 से श्री कश्यप ने एपीसी एवं डीएमसी के रूप में जिला मिशन कार्यालय मुंगेली में लगभग नौ वर्षों तक अकादमिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का सफल संचालन किया। उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता एवं कार्यकुशलता ने जिले की शैक्षिक गतिविधियों को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि श्री कश्यप सदैव सहयोग, समन्वय और सकारात्मक सोच के प्रतीक रहे हैं।सम्मान समारोह में ग्राम पंचायत पदमपुर की ओर से उन्हें राधा-कृष्ण की भव्य फोटो फ्रेम भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। वहीं विद्यालय एवं संकुल पदमपुर के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा चांदी का राम दरबार स्मृति-चिन्ह स्वरूप अर्पित किया गया। प्राचार्य श्री ठाकुर ने अभिनंदन पत्र, शाल, श्रीफल, रामायण एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने श्री कश्यप के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके सादगीपूर्ण व्यवहार, प्रशासनिक दक्षता एवं मानवीय संवेदनाओं ने सभी के हृदय में एक विशेष स्थान बनाया है।कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पदमपुर के सरपंच अनिल जायसवाल (राजू), उपसरपंच विनय यादव, शाला विकास समिति के अध्यक्ष मनोज साहू सहित शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर इस अवसर को यादगार बनाया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन व्याख्याता मुकेश सोनवानी ने किया, जबकि अंत में प्राचार्य श्री रमेश सिंह ठाकुर ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भावनाओं से ओत-प्रोत वातावरण में जब विदाई का क्षण आया, तब उपस्थित जनसमुदाय की आंखों में सम्मान और स्नेह की चमक स्पष्ट दिखाई दे रही थी। सभी ने एक स्वर में श्री अशोक कुमार कश्यप के स्वस्थ, सुखमय एवं सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
निस्संदेह, सेवा का यह अध्याय भले ही पूर्ण हुआ हो, किंतु शिक्षा, संस्कार और समर्पण की जो अमिट छाप श्री अशोक कुमार कश्यप ने अपने कार्यों से छोड़ी है, वह सदैव प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ बनकर आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
ISB24NEWS Online News Portal

